मध्य प्रदेश में घूमने की जगहें। Madhya Pradesh mein ghoomne ki jagahein
मध्य प्रदेश में घूमने की जगहें
भारत का दिल कहा जाने वाला मध्यप्रदेश पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है और ऐसा इसलिए क्योंकि यहाँ पर गुफाओं, झरने और जंगलों जैसे प्राकृतिक अजूबों के साथ साथ कई ऐतिहासिक किले और मंदिर मौजूद हैं, जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं तो चलिए हम आपको बताने वाले हैं मध्यप्रदेश की कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में जहाँ आपको एक बार तो जरूर जाना चाहिए ।
खजुराहो
खजुराहो सिर्फ मध्यप्रदेश और भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध एक ऐसी जगह है जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्व भर में पहचान बना चुका है ये शहर खूबसूरत प्राचीन हिंदू और जैन मंदिरों का घर है जहाँ पर आध्यात्मिक शिक्षाओं, ध्यान, नृत्य, कुश्ती और शिल्पकला को दर्शाती हुई बहुत ही आश्चर्यजनक मूर्तियां बनी है। ऐसा माना जाता है कि यहां मौजूद मंदिरों और मूर्तियों का निर्माण 950 से 1050 CE के आस पास चंदेल वंश द्वारा कराया गया था। जिस कारण यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर घोषित किया गया है। आज खजुराहो सिर्फ भारतीयों के लिए नहीं बल्कि दुनिया भर से भारत आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद के रूप में स्थापित हो गया है क्योंकि हर कोई यहां की कामसूत्र को दर्शाती मूर्तियों को देखना चाहता है।
भीमबेटका गुफा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से किलोमीटर की दूरी पर जाने के बाद आपको ऐसा महसूस होगा जैसे आप प्राचीन पाषाण काल में पहुंच गए। यहां अक्सर प्राचीन समय में भारत रहने वाली मानव सभ्यता के सबूत मिलते हैं, यहां आपको कुछ ऐसे चित्र भी देखने को मिलेंगे जो आज से 30000 साल पुराने है यही कारण है कि इस जगह को हेरिटेज घोषित किया गया है जिसमें हर साल हजारों पर्यटक आते हैं।
मांडू
मध्यप्रदेश के इंदौर से 10 किलोमीटर दूर मांडू एक ऐसा ऐतिहासिक शहर है जिसे देखने के बाद कोई भी उसको भूल नहीं सकता क्योंकि यहां को ना सिर्फ शानदार महल देखने को मिलेंगे बल्कि यहां की सुंदर झीलें और प्राचीन जैन मंदिर आपके मन में अपनी स्मृति जरूर छोड़ जाएंगे। मांडू को लोग सिर्फ इसलिए नहीं जानते हैं क्योंकि यहां पर कई सुंदर स्मारक मौजूद है बल्कि यह लोगों के बीच रानी रूपमती और बादशाह बाज बहादुर की अमर प्रेम की कहानी के लिए भी जाना जाता है। भारत की सबसे सुंदर संरचना पानी में स्थित 120 मीटर लंबा खूबसूरत महल है जिसे दूर से देखने पर ऐसा लगता है मानो तालाब के बीच कोई सुंदर जहाज तैर रहा हो।
जबलपुर
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक ऐसी जगह है जिसे देखने के बाद किसी को भी अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होगा। क्योंकि इस जगह पर आपको प्रकृति का अजूबा यानी की एक ऐसी चट्टान देखने को मिलेगी जो फिजिक्स के सभी नियमों को धोखा देती है। कई जानकारों के अनुसार यह चट्टान कई हजार साल पहले हुए एक ज्वालामुखी विस्फोट के बाद बनी थी जिसे आज तक कोई हिला नहीं पाया है। वैसे जब आप इसे देखेंगे तो लगेगा कि आप बड़ी ही आसानी से इसे हिला देंगे पर ऐसा नहीं है। आज तक बड़े से बड़ा भूकंप इस हिलाने ने कामयाब नही हुआ। यहां रहने वाले लोगों के मन में विश्वास है की इस चट्टान को कोई नहीं हिला सकता। जबलपुर रेलवे स्टेशन से 12 किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्ध धुआधार जलप्रपात (भेड़ाघाट) है आप यहां भी घूमने का आनंद ले सकते है। यहां आपको संगमरमर की चट्टाने भी देखने को मिलेगी।
उज्जैन
उज्जैन के बारे में कहा जाता है की इस शहर में स्वयं बाबा महाकाल निवास करते हैं जिस कारण इसे महाकाल की नगरी भी कहते है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह शहर इतना ज्यादा प्राचीन है कि इसका विवरण महाभारत मे भी मिलता है। यहा बहुत अधिक मंदिर होने के कारण इसे भारत के सबसे धार्मिक शहरों में गिना जाता है। यहां बना महाकालेश्वर मंदिर अपने प्राचीन आर्किटेक्चर से हर किसी आकर्षित कर लेता है और जो भी इस मंदिर के अंदर जाता है उसे यहां एक अलग प्रकार की शांति मिलती है। जिस वजह से दुनिया भर के लोग इस मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए आते हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि उज्जैन सिर्फ महाकालेश्वर मंदिर की वजह से प्रसिद्ध क्योंकि यहां का भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर और गणेश मंदिर भी लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उज्जैन को एक और चीज सबसे खास बनाती है, वह है यहां हर 12 साल में लगने वाले कुंभ मेला जिसमें साधु संतों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी भीड़ इकट्ठा होती है।
पेंच नेशनल पार्क
पेंच नेशनल पार्क, नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिले के करीब मौजूद एक ऐसा नेशनल पार्क है जो किसी भी वाइल्ड लाइफ प्रेमी के लिए स्वर्ग साबित हो सकता है क्योंकि यहां पर ना केवल शेर चीता और भेड़िए जैसे जानवरों की बहुत सी प्रजातियां पाई जाती है बल्कि यह नेशनल पार्क पक्षियों की 300 से ज्यादा प्रजातियां का घर है।और खूबसूरत पेड़ इसे और भी ज्यादा सुंदर बनाते हैं। इसी कारण दुनिया भर के पर्यटक नेशनल पार्क में घूमने के लिए आते हैं । ऐसा माना जाता है कि जंगल बुक के लेखक को अपनी किताब लिखने की प्रेरणा इन्ही जंगल से मिली थी। इस कारण लोग इसे मोगलीलैंड भी कहते हैं।
सांची स्तूप
देश का एक बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जो दुनिया भर में मौजूद बौद्ध धर्म के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है। यहां योगेश्वर भगवान बुद्ध की सबसे प्राचीन पत्थर की संरचना स्थित है जो की भारत के महान सम्राट अशोक द्वारा निर्मित करवाई गई थी। अगर आपको संरचनाओं को देखने का शौक है तो आपको एक बार सांची स्तूप जरूर देखना चाहिए क्योंकि आपको भारतीय कला के साथ प्राचीन कारीगरी का जबरदस्त नमूना देखने को मिलेगा।
चंदेरी
चंदेरी मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के करीब मौजूद एक ऐसा कस्बा है जो मौजूदा समय में भारतीय पर्यटकों के बीच काफी फेमस हो चुका है। यहां के किलो और स्मारकों को जो भी देखता है, बस देखता ही रह जाता है जो ज्ञान में आपको प्राचीन भारत की कला और संस्कृति का नमूना देखने को मिलेगा। आपको जानकर हैरानी होगी कि चंदेरी में करीब साढ़े 300 ऐतिहासिक भूमि चिन्ह मौजूद हैं, जिनमें चंदेरी का किला, जौहर कुंड और कई अन्य जैन मंदिर शामिल है जो कि करीब 11 वीं सदी के आसपास बनाए गए। इतना ही नहीं दोस्तों चंदेरी में बहुत ही डरावनी जगह भी मौजूद हैं, जिनमें खूनी दरवाजा सबसे प्रमुख है जहां पर रात में कोई नहीं जाता। इसी को देखते हुए आज बॉलीवुड का ध्यान भी चंदेरी की तरफ गया। चंदेरी में राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की हिट फिल्म स्त्री की भी शूटिंग हो चुकी है।
पचमढ़ी
पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी होशंगाबाद जिले के करीब मौजूद एक ऐसा शहर है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और प्राचीन संरचना से भारत समेत दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। शायद आप जानते हो कि 1087 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह हिल स्टेशन एक जमाने में ब्रिटिश राज की छावनी हुआ करता था। आज लोग इसे सतपुड़ा की रानी भी कहते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य के साथ प्राचीन संरचनाओं का मिश्रण देखना चाहते हैं तब पचमढ़ी आपके लिए आईडिया लोकेशन है क्योंकि यहां पर आपको सुंदर जंगलों और झरनों के अलावा कई प्राचीन संरचनावाद के बारे में देखने को मिलेगा।कहा जाता है कि यहां महाभारत काल के पांडवों ने यहां की पांडव गुफा में अपना अज्ञातवास बिताया था। इसके अलावा और भी ऐसी जगह मौजूद है जो पर्यटकों को बार-बार पचमढ़ी जाने पर मजबूर करती।
ओरछा
बेतवा नदी के किनारे पर स्थित ओरछा मध्य प्रदेश की ऐसी जगह है जो अपने ऐतिहासिक मंदिरों और महलों की वजह से पूरे भारत में अपनी पहचान बना चुका है जो भारत के लोगों के बीच अयोध्या का महत्व है। ठीक उसी तरह मध्य प्रदेश के लोगों के बीच ओरछा भी एक प्रमुख स्थान रखता है क्योंकि यहां के राजा स्वयं भगवान श्रीराम है। यहां पर भगवान श्री राम का भव्य मंदिर होने के साथ-साथ चतुर्भुज मंदिर और जहांगीर महल जैसी बहुत ही अन्य जगह भी मौजूद है जो लोगों को इतिहास से अवगत कराती। ओरछा के इतिहास को जानने के लिए या ना सिर्फ भारतीय बल्कि बहुत से विदेशी पर्यटक भी आते हैं और यहां की कला और संस्कृति को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।आप सबको पता ही होगा कि छतरपुर से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टीकमगढ़ जिले में एक शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि वह साल दर साल आकार में बड़ा हो रहा है। कुंडेश्वर महादेव बाबा के मंदिर में मौजूद शिवलिंग को लोग 13वे ज्योतिर्लिंग के रूप में मान्यता देते हैं। इस कारण यहां घर वीहर साल लाखों लोग दर्शन करने के लिए आते है।
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