नरसिंहपुर में घूमने की जगहें। Narsinghpur me ghoomne ki jagahe।
आज हम बात करेंगे नरसिंहपुर के बारे में । नरसिंहपुर मध्य प्रदेश का एक जिला मुख्यालय है और यहां पर कई धार्मिक ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थल मौजूद है। आज इस आर्टिकल में जानेंगे हम इन्हीं स्थलों के बारे में ।
बरमान घाट
बरमान घाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित एक बहुत ही खूबसूरत नरसिंहपुर जिले का एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। आप यहां रेलगाड़ी से भी आ सकते है। बरमान घाट का नजदीकी रेलवे स्टेशन करेली है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु नर्मदा स्नान करने आते है। इस जगह आपको बहुत सारे मंदिर भी देखने को मिलेंगे। यहां पर आप ब्रह्मा जी की यज्ञ स्थली, रानी दुर्गावती का मंदिर और भगवान विष्णु का वराह अवतार की प्रतिमा भी आप देख सकते हैं। ऐसी वराह अवतार की प्रतिमा कटनी जिले के कारीतलाई एवं सागर जिले के एरण में भी है। यहां नर्मदा जयंती और मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल मेला भी लगता है जिसमें लाखों श्रद्धालु आते हैं। आप यहां परिवार व दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह जगह बहुत ही अच्छी है।
चौरागढ़ का किला (चौगानकिला)
चौरागढ़ का किला एक ऐतिहासिक स्थल है। यह नरसिंहपुर के गाडरवारा के पास स्थित है इसे चौगानपुर के नाम से भी जाना जाता है। यह अभी खंडहर अवस्था में है। किले के पास एक तालाब है जिसे रेवा कुंद कहा जाता है। यहां पर आपको मंदिर भी देखने को मिलेगा जो नरसिंह भगवान का है। यह किला गाडरवारा रेलवे स्टेशन से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसका निर्माण संग्राम शाह ने करवाया था। यहां आप प्राकृतिक नजारों का भी आनंद ले सकते हैं। यदि आप इतिहास प्रेमी है और ऐतिहासिक इमारतों को देखना पसंद करते है तो आप यहां आ सकते है।
डमरू घाटी
डमरू घाटी डमरू घाटी एक धार्मिक स्थल है। यह शिव भक्तों के लिए बहुत ही खास जगह है। शक्कर नदी के तट पर की आकार की घाटी में एक भव्य शिव मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर में शिवलिंग स्थापित है या मंदिर नरसिंहपुर के गाडरवारा में स्थित है। यहां पर आप रेलगाड़ी से आ सकते है। डमरू घाटी गाडरवारा रेलवे स्टेशन से लगभग 6 किलोमीटर दूर है। इस डमरू घाटी को शिव धाम के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में काले रंग का एक विशाल शिवलिंग का आकार लगभग 19 या 20 फिट होगा। इसे आप जबलपुर भोपाल हाईवे से भी भेज सकते हैं। इस शिवलिंग में शंकर जी की मूर्ति तो तरस आ गया है। यहां शिव जी की मूर्ति के सामने नंदी की भी विशाल मूर्ति है। आपको मंदिर में एक विशाल हनुमान मूर्ति के दर्शन भी हो जाएंगे। अगर आप प्रकृति के खूबसूरत नजारों का भी लुत्फ उठा सकते हैं।
चीचली दरगाह
चीचली दरगाह नरसिंहपुर के गाडरवारा तहसील में चीचली गांव में एक दरगाह है। यहां बाबा हाजी शौकत अली शाह कादरी मदारी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह है जो लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है। लोगों का मानना है कि यहां बाबा की दुआ और अल्लाह के करम से पथरी के मरीजों को शिफा मिलती है। यहां दूर-दूर से पथरी के मरीज इलाज कराने के लिए आते है।
ककराघाट
ककरा घाट ककरा घाट गाडरवारा से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां आपको नर्मदा नदी का बहुत ही स्वच्छ पानी देखने को मिलेगा। आप यहां नौकायान का भी आनंद ले सकते हैं। आप यहां मां माहेश्वरी महादेव आश्रम भी देख सकते हैं और मंदिर में दर्शन भी कर सकते हैं।
श्री दादा महाराज
श्री दादा दरबार या दूल्हा देव महाराज मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर दादा महाराज या दूल्हा देव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर हाईवे रोड पर स्थित है। मंदिर परिसर बहुत ही खूबसूरत है। यह मंदिर नरसिंहपुर से लगभग 7 किलोमीटर दूर है। आपको यहां आकर काफी अच्छा लगेगा। आप यहां परिवार व दोस्तों के साथ आ सकते हैं।
झोतेश्वर मंदिर
झोतेश्वर मंदिर मंदिर गोटेगांव रेलवे स्टेशन से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां प्रकृति की मनोरम छटा के बीच महाराज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का विश्वंभर मंदिर देखने का मिलता है। यहां झोतेश्वर मंदिर, हनुमान टेकरी, लोधेश्वर मंदिर विचार, शीला एवं स्फटिक से निर्मित शिवलिंग वेदर दर्शनीय है। यह जगतगुरु शंकराचार्य, ज्योतिष एवं द्वारिका पीठाधीश्वर महाराज की तपोभूमि एवं कर्मभूमि भी है। यहां पर बसंत पंचमी के अवसर पर सात दिवस का मेला भी लगता है।
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