भारत के 10 सबसे बड़े मंदिर। 10 biggest temple in India
प्राचीन हिंदू मंदिर अपने अनूठे वास्तु, शिल्प, कला, अद्भुत कलाकारी तथा अपनी विशालता के लिए जाने जाते हैं। इन मंदिरों का मुकाबला दुनिया का कोई भी धार्मिक स्थल नहीं कर सकता, लेकिन इसमें सबसे अजीब बात ये है कि इन 1000 साल पुराने मंदिरों को बनाने के लिए किसी भी तरह की मशीन का उपयोग नहीं किया गया है। लेकिन इतने बड़े बड़े मंदिरों को देखकर लोग आजकल हैरान हो जाते है तो चलिए आज हम इस ब्लॉग में जानते हैं भारत के 10 सबसे बड़े मंदिरों के बारे में।
बदककुनाथ भोलेनाथ मन्दिर
यह भारत का 10 वां सबसे बड़ा मंदिर जो केरल के त्रिचूर जिले में स्थित है और लगभग 81,000 वर्ग मीटर में फैला है। इस मंदिर का निर्माण परशुरामजी ने करवाया था। धार्मिक परंपरा के अनुसार इस मंदिर के शिवलिंग का अभिषेक घी से किया जाता है जिसके कारण शिवलिंग के ऊपर 16 फीट लंबी घी परत चढ़ने से शिवलिंग दिखाई भी नहीं देती है। इसमें सबसे बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि शिवलिंग के ऊपर लगा की गर्मियों में भी नहीं पिघलता है।
एकेंबरनाथ महादेव मन्दिर
भारत का नौवां सबसे बड़ा मंदिर है एकेंबरनाथ महादेव का मंदिर है, जो तमिलनाडु के कांचीपुरम शहर में स्थित है। लगभग 92 हजार वर्ग मीटर में फैले इस मंदिर का निर्माण आज से तकरीबन 1400 साल पूर्व पल्लवों ने करवाया था। इस मंदिर का गोपुरम गेट भारत का सबसे बड़ा मंदिर द्वार है जिसकी उचाई 187 फीट है। इस मंदिर में आज भी 3500 साल पुराना आम का पेड़ मौजूद है, जिसकी लोग पूजा करते है।
विद्या राजगोपालस्वामी मंदिर
भारत का आठवां सबसे बड़ा मंदिर है विद्या राजगोपालस्वामी मंदिर, जो तमिलनाडु के मन्नारगुड़ी शहर में स्थित एक विष्णु मंदिर है। लगभग 93,000 वर्ग मीटर में फैले इस मंदिर का निर्माण आज से 1000 वर्ष पूर्व चोल राज्य के राजा कुलोथुंगा ने करवाया था। इस मंदिर को दक्षिण भारत के हिंदुओं का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।
दक्षिणेश्वर काली माता मंदिर
भारत का सातवाँ सबसे बड़ा मंदिर है दक्षिणेश्वर काली माता मंदिर जो कोलकाता के बैरकपुर हुगली नदी के किनारे स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर की मुख्य देवी है बट रानी। लगभग 1,01,171 वर्ग मीटर में फैले इस मंदिर का निर्माण 1857 में रानी रासमणि ने करवाया था। इस मंदिर में काली माँ की मूर्ति लेटे हुए भगवान शिव की छाती पर खड़ी है। इसके साथ ही
दक्षिणेश्वर काली माता का मंदिर पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा मंदिर है।
अन्नामलाई शिवजी का मंदिर
भारत का छठा सबसे बड़ा मंदिर तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई जिले में स्थित अन्नामलाई शिवजी का मंदिर है, जिसका निर्माण आज से लगभग 2000 साल पहले चोल राजाओं ने करवाया था, लेकिन बाद में इसका विस्तार संगम राजवंश के राजाओं ने किया था। लगभग 1,01,200 वर्ग मीटर में फैला यह मंदिर पूरे भारत का सबसे ऊंचा शिव मंदिर है।
बृहदेश्वर मंदिर
भारत का पांचवां सबसे बड़ा मंदिर है। तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित बृहदेश्वर मंदिर है। लगभग 1,02,400 वर्ग मीटर में फैले इस मंदिर का निर्माण 12 वीं सदी में राजराजा चोल ने करवाया था। इस मंदिर को यूनेस्को ने पूरे विश्व की धरोहर घोषित किया है। ये मंदिर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसकी परछाई नहीं पड़ती। इस मंदिर की इस रहस्य के सामने आज का विज्ञान भी मात खाता है।
अक्षरधाम मन्दिर
यह भारत का चौथा सबसे बड़ा मंदिर है। जो की नई दिल्ली में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण 2005 में स्वामी नारायण की संस्था द्वारा करवाया गया था। लगभग 5 साल में बनकर तैयार हुआ यह मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर वाला हिंदू मंदिर है। इसको अपनी सुंदरता और अद्भुत कलाकृति के कारण 2007 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था। लगभग 2,40,000 वर्ग मीटर में फैले इस मंदिर को बनाने के लिए तकरीबन 11,000 मज़दूरों का इस्तेमाल हुआ।
छतरपुर मन्दिर
भारत का तीसरा सबसे बड़ा मंदिर है कैपिटल सिटी न्यू दिल्ली में स्थित छत्तरपुर मंदिर है, जिसका निर्माण होने में एक कर्नाटक के बाबा नागपाल के प्रयासों द्वारा करवाया गया था। इस मंदिर में नवरात्रि के समीप माँ दुर्गा की पूजा के लिए हर रोज़ एयरलिफ्ट की सहायता से दक्षिण भारत के प्रसिद्ध रंग बिरंगे फूलों की माला मंगवाई जाती है। लगभग 2,60,000 वर्ग मीटर में फैला यह मंदिर दिल्ली का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है।
राम मंदिर
भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बनने जा रहा राम मंदिर , जिसका निर्माण संपूर्ण भारत में लोगों के द्वारा दिए जा रहे हैं संदेश से किया जा रहा है लगभग 161 फीट ऊंचा ,24 प्रवेश द्वार और 221 खम्बो के आधार पर बनने वाला यह मंदिर भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा मंदिर होगा। इस मंदिर की सबसे खास बात यह होगी कि इसमें एक साथ 10,000 लोग दर्शन कर पाएंगे। इस मंदिर की टोटल लंबाई 2,74,000 वर्ग मीटर है।
रंगनाथ स्वामी मन्दिर
भारत का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली शहर में स्थित रंगनाथ स्वामी जी का मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर का निर्माण आठवीं सदी में करवाया गया था। इस मंदिर को बनाने के लिए तकरीबन 953 खंभों का इस्तेमाल किया गया है। लगभग 6,31,000 वर्ग मीटर में फैले इस मंदिर को 2017 में अपनी सांस्कृतिक विरासत के कारण यूनेस्को एशिया पेसिफिक अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
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